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भारतीय दंड संहिता अध्याय 12

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आज हम बात करेंगे भारतीय दंड संहिता अध्याय बारह: सिक्कों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराध के विषय में।तो चलिए शुरू करते हे। 


भारतीय दंड संहिता (IPC) का अध्याय बारह सिक्कों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के बारे में है। इस अध्याय में कुल 9 धाराएं हैं, जो निम्नलिखित हैं:

• धारा 230: सिक्का की परिभाषा

• धारा 231: सिक्के का कुटकर्ण

• धारा 232: भारतीय सिक्के का कुटकर्ण

• धारा 233: सिक्के के कुटकर्ण  लिए उपकरण बनाना या बेचना

• धारा 234: भारतीय सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण बनाना या बेचना

• धारा 235: सिक्के के  कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना

• धारा 236: भारत से बाहर सिक्के के  कुटकर्ण का भारत में लाना

• धारा 237: सिक्के के कुटकर्ण  धुष्प्रेण 

धारा 230: सिक्का की परिभाषा

इस धारा के अनुसार, "सिक्का" का अर्थ है किसी भी धातु या पदार्थ का बना वह टुकड़ा जिसे सरकार ने मुद्रा के रूप में जारी किया हो।

धारा 231: सिक्के का कुटकर्ण 

इस धारा के अनुसार, "सिक्का कुटकर्ण" का अर्थ है किसी ऐसे सिक्के को बनाना, बदलना या परिवर्तित करना जो वास्तविक सिक्के के समान दिखता हो, लेकिन वास्तव में वह नहीं है।

धारा 232: भारतीय सिक्के का कुटकर्ण 

इस धारा के अनुसार, "भारतीय सिक्के का कुटकर्ण" का अर्थ है किसी ऐसे सिक्के को बनाना, बदलना या परिवर्तित करना जो भारतीय सरकार द्वारा जारी किया गया है।

धारा 233: सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण बनाना या बेचना

इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री बनाता है या बेचता है, तो उसे 7 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 234: भारतीय सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण बनाना या बेचना

इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारतीय सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री बनाता है या बेचता है, तो उसे 10 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 235: सिक्के के कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना

इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिक्के के  कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे अपने कब्जे में रखता है, तो उसे 7 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 236: भारत से बाहर सिक्के के कुटकर्ण का भारत में लाना

इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारत से बाहर किसी अन्य देश में सिक्के के  कुटकर्ण के लिए उपकरण या सामग्री लाता है और उसे भारत में लाता है, तो उसे 10 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 237: सिक्के के कुटकर्ण का भारत में दुष्पर्ण 

इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को सिक्के के  कुटकर्ण के लिए दुष्प्रेरित करता है, तो उसे 7 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

निष्कर्ष

भारतीय दंड संहिता अध्याय बारह में सिक्कों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के बारे में प्रावधान किए गए हैं। इन अपराधों का उद्देश्य देश की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है। इसलिए, इन अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

"तो यह थी भारतीय दंड संहिता अध्याय 12 के विषय पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी। "🙏

                                      >>>धन्यवाद <<<<

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